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Sumit Antil Biography in Hindi | Paralympion Sumit Antil

आपने सुना होगा हौसला है तो सब कुछ है हौसला नहीं तो कुछ भी नहीं ये लाइन आज कितनी सच लग रही है 30 अगस्त 2021 के दिन Tokyo Paralympics में एक नहीं बल्कि 2 भारतीयों ने गोल्ड मैडल अपने नाम किया एक तो अवनी लखेरा Avani Lakhera ने भारत को गौरान्वित किया फिर शाम होते होते खबर आई की सुमित अंतिल Sumit Antil ने भी अपने देश को एक और गोल्ड मैडल दिला दिया कौन है ये सुमित अंतिल और किस खेल में इन्होने गोल्ड मैडल जीता क्या है इनकी ज़िन्दगी की कहानी आज हम इस आर्टिकल में बड़े गर्व से पढ़ेंगे

कौन हैं सुमित अंतिल Who is Sumit Antil

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सुमित का जन्म 7 june 1998 के दिन हुआ था इनके पिता का नाम रामकुमार और माता जी का नाम निर्मला है इनका जन्म हरियाणा के सोनीपत ज़िले के खेवड़ा गांव में हुआ था इनकी तीन बहने हैं जब सुमित महज़ 7 साल के थे तो किसी बीमारी की वजह से उनके पिता की मृत्यु हो गई बड़ी मुश्किलों से उनकी माँ ने अपने चरों बच्चों को पालन पोषण किया 

किस हादसे ने बदल दी सुमित की ज़िन्दगी

ऐसा कोई नहीं होगा जो ये कह सके की उसकी ज़िन्दगी में कभी कोई हादसा ही नहीं हुआ कुछ लोग होते हैं जो हादसों के गुजरने के बाद फिर से खड़े होते हैं और इस बार दोगुनी शक्ति के साथ आगे बढ़ते है वही कुछ लोग होते हैं जो हादसों से टकराकर रेट के जैसे बीखर जाते हैं और मिटटी में मिल जाते हैं आज जिसकी हम बात कर रहे हैं सुमित उसने ना सिर्फ हादसों से लड़ाई लड़ी बल्कि उनपर काबू भी पा लिया

जब सुमित अपने स्कूल के आखरी दिनों में था तब वो टूशन लेने के लिए घर से कुछ दूर बाइक से जाया करता था 5 जनवरी साल 2015 के दिन भी वो हर दिन की तरह टूशन से वापस घर आ रहा था की रस्ते में सीमेंट से भरी ट्रेक्टर ट्रॉली जा रही थी जिसने सुमित को टक्कर मार दी सुमित उस ट्रॉली में फंस गया दूर तक ट्रॉली उसको घसीटती ले गई हादसा इतना भयानक था की सुमित को अपना एक पैर गवाना पड़ा कई महीनों तक सुमीत हॉस्पिटल में भर्ती रहा फिर उसे साल 2016 में किसी की सलाह से पुणे ले जाया गया जहाँ उसको नकली पैर लगाए गए

सुमित का नया जीवन  

हालाँकि सूक्त के साथ बहुत बड़ा हादसा हुआ मगर सुमित हमेशा की तरह खुशमिजाज़ रहा वो कभी मायूस नहीं दिखा दोस्तों और कुछ ख़ास रिश्तेदारों ने उसको खेल की तरफ ध्यान देने की सलाह दी और उसको  साई स्पोर्ट्स क्लब ले गए जहाँ उसकी मुलाक़ात हुई एशियन गेम्स में रजत पदक विजेता वीरेंदर धनखड़ से उन्होंने सुमित के अंदर की प्रतिभा को पहचाना और अपने साथ दिल्ली लेकर आ गए जहाँ उसकी मुलाक़ात द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित कोच नवल सिंह से हुई जिनसे सुमित ने जैवलिन थ्रो सीखा

कैसे जीता सुमित ने पैरालिम्पिक्स में गोल्ड

भाला फ़ेंक यानी Javelin Throw में ना सिर्फ सुमित अंतिल Sumit Antil  ने भारत को गोल्ड मैडल दिलाया साथ ही साथ F64 क्लास के खिलाडी सुमित अपने प्रदर्शन से विश्व रिकॉर्ड बनाने में कामयाब हुए पहले उन्होंने 66.95 मीटर दूर भाला फेंक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। फिर अपनी दूसरी ही कोशिश में 68.08 मीटर के स्कोर से अपना ही वर्ल्ड रेकॉर्ड सुधारा। पांचवीं कोशिश में इससे भी बेहतर थी। 68.55 मीटर के स्कोर के साथ सबसे आगे निकल गए

सुमित अंतिल की उपलब्धियां
  • साल 2018 में एशियन चैम्पियनशिप में 5 वी रेंक
  • 2019 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में रजत पदक
  • इसी साल 2019 में नेशनल गेम्स में गोल्ड मैडल
  • 2021 में पैरालम्पिक्स में गोल्ड मैडल

 

 

 

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