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dehydration kya hai | dehydration se kaise bacha jaa sakta hai

गर्मी का मौसम चिलचिलाती हुई धुप गर्म हवाएं ये सब हमारे शरीर में मौजूद नमी को सोख लेती हैं जिसकी वजह से हमारे शरीर में तरल पदार्थ की कमी हो जाती है इस स्तिथि को निर्जलीकरण Dehydration कहते हैं

आज हम इस आर्टिकल में बात करेंगे की

  • क्या है Dehydration की परिभाषा
  • Dehydration क्यों होता है
  • Dehydration के क्या लक्षण हैं 
  • क्या है घरेलु उपाय Dehydration से बचने के
  • गर्मियों में क्या सावधानी रखनी चाहिए
  • क्या जानवरों को भी Dehydration होता है

आइये एक-एक कर के Points को समझने की कोशिश करते हैं !

 

क्या है डिहाइड्रेशन की परिभाषा ?

हमारे शरीर में लगभग एक तिहाई पानी होता है जो की स्वस्थ शरीर के लिए बहुत ज़रूरी होता है, अकसर आपने ये महसूस किया होगा गर्मियों के मौसम में की हमें बहुत प्यास लगती है बार बार पानी पिने के बाद भी हमारी प्यास नहीं बुझती ऐसा इसलिए होता है क्यों की हमारे शरीर में जो ज़रूरी मात्रा है पानी की यानी एक तिहाई उस्मने गर्मी की वजह से कमी आ जाती है इस अवस्था की ही Dehydration या निर्जलीकरण कहते हैं 

Dehydration क्यों होता है 

एक स्वस्थ शरीर के लिए शरीर में पानी की मात्रा का अनुपात सही होना चाहिए मगर गर्मियों के दिन में हमारे शरीर से पसीने, मल- मूत्र, सांस लेने से और जो हमने खाया है उसको पचाने के लिए भी पानी की ज़रूरत पड़ती है शरीर को जिसकी भरपाई के लिए हम पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहते हैं मगर जब हम शरीर से निकलने वाले पानी के मुकाबले काम पानी पीते हैं तो हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और हम Dehydration या निरर्जलीकरण का शिकार हो जाते हैं 

इसका असर ज़रूरी नहीं की सब को एक जैसा हो ये शरीर की संरचना लिंग उम्र आदि पर भी निर्भर करता है की किसको कैसा असर होगा इस Dehydration ये निर्जलीकरण का कभी कभी देखा गया है की डिहाइड्रेशन की वजह से मृत्यु भी हो जाती है इस लिए ज़रूरी है की हम अपने शरीर में पानी की मात्रा को बनाये रखें 

अनियंत्रित बुखार – अगर किसी को बहुत तेज़ बुखार है तो इस स्तिथि में भी शरीर का पानी कम हो जाता है और अगर बुखार के साथ साथ दस्त की शिकायत है तो ये ऐसी बात हो गई जैसे करेला और वो भी नीम चढ़ा

डायरिया –   किसी को डायरिया हो जाये और साथ में दस्त भीलग जाएँ तो शरीर से बहुत तेज़ी से पानी बाहर निकलता है और शरीर में पानी की कमी बहुत हो जाती है जिससे रोगी की जान पर बन जाती है 

ज़्यादा पसीने का बहना –  कभी कभी हम कोई मेहनत भरा काम करते है जिससे हमारे शरीर से पानी पसीने के रूप में बाहर निकलता है मगर हम उस्सकी भरपाई उस अनुपात में नहीं करते जिस अनुपात में वो बाहर निकलता है जिसकी वजह से भी निर्जलीकरण या Dehydration हो जाता है

ज़्यादा पेशाब का आना – बहुत सारे ऐसे लोग होते हैं जिनको शुगर की बीमारी होती है या वो ऐसी कोई दवाएं ले रहे होते हैं जिसकी वजह से उनको बार बार पेशाब के लिए जाना पड़ता है इस वजह से भी शरीर के पानी के भण्डारण में कमी आ जाती है और वो निर्जलीकरण का शिकार हो जाते हैं

Dehydration के लक्षण 

निरजालीकरण या कहें Dehydration के खतरनाक स्तिथि है शरीर के लिए हमारे शरीर में 75 % सिर्फ पानी है जो हमारे शरीर की अलग अलग कोशिकाओं में और हमर खून में इकठ्ठा होता है इस लिए बहुत ज़रूरी हो जाता है की हम इस की सही मात्रा को हमेशा शरीर में बनाये रखें सामान्य रूप से पानी की कमी को पूरा करने के लिए हमारा शरीर प्यास के तौर पर हमको इशारा करता है की हमको अब पानी की कमी हो गई है 

नवजात बच्चों में इसके लक्षण का पता आपको खुद करना होगा क्योंकि वो आपसे बात नहीं कर सकते मगर कुछ बातों का ध्यान रखकर हम ये देख सकते हैं की कहीं बच्चे को डिहाइड्रेशन तो नहीं हो गया 

  • जब बच्चा रोयेगा तो सिर्फ चिल्लायेगा उसके आंसू नहीं निकलेंगे
  • आम दिनों की तरह वो पेशाब कम करेगा
  • उसका मुँह सूखा रहेगा और ज़बान भी सुखी हुई नज़र आएगी

अगर हम बात कारण किसी जवान इंसान की तो उसके डिहाइड्रेशन के लक्षण अलग नज़र आएंगे 

  • आम तौर पर प्यास ज़्यादा लगाना
  • कमज़ोरी और थकान की शिकायत करना
  • चक्कर आना कभी कभी उल्टी करना
  • चिढ़चिढ़ापन
  • पेशाब के रंग में परिवर्तन
  • सर में दर्द आदि

क्या हैं घरेलु उपाय Dehydration से बचने के

डिहाइड्रेशन से बचने के लिए सबसे ज़्यादा जो बात ध्यान में रखने वाली है वो ये है की आपको अपने शरीर में पानी की कमी ना हो। आप इन सब चीज़ों के सेवन से डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं।

  • पानी लगातार पीते रहें
  • अपने रोज़ के खाने में दही का इस्तेमाल करें
  • मौसमी फलों का सेवन
  • गन्ने का रस पियें
  • ORS का घोल पीते रहे

पानी लगातार पीते रहें –  अगर आपको आपके शरीर को गर्मी डिहाइड्रेशन से बचाना है तो आपको एक बात हमेशा याद रखना होगा की आप हर कुछ समय बाद पानी पीते रहे डॉक्टर्स कहते हैं की 3 लीटर पानी अगर आपने पिए तो आप डिहाइड्रेशन से बच सकते है आप चाहे तो कार्बोहाइड्रेट या इलेक्ट्रोलाइट युक्‍त पेय पदार्थों का सेवन करें। आप स्‍पोटर्स ड्रिंक या जूस भी पी सकते हैं।

अपने रोज़ के खाने में दही का इस्तेमाल करें – दही में इलेक्‍ट्रोलाइट की मात्रा होती है और दही में पेट और पाचन सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने के लिए आवश्यक गुण पाए जाते हैं अगर आपको डिहाइड्रेशन हो जाये जिसकी वजह से आपको डायरिया उलटी दस्त जैसी शिकायतें हों तो आपके लिए दही बहुत लाभकारी सिद्ध होगी आप दही खा सकते हैं सीधे या उसमें कुछ मिलकर भी खा सकते हैं

मौसमी फलों का सेवन – अगर आपके शरीर में पानी की कमी हो गई है या आप पानी की कमी से बचना चाहते हैं तो आपको ऐसे फल खाने चाहिए जिनमे पानी की मात्रा अधिक हो जैसे की तरबूज़, खरबूज़, खीरा, ककड़ी, अंगूर, संतरा, पपीता, चुकुन्दर आदि इन फलों में इनके अपने गुण तो होते ही हैं साथ ही इनमें पानी की मात्रा भी अधिक होती है जो आपके शरीर के पानी की कमी को काफी हद तक पूरा करते हैं

गन्ने का रस-  जब आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो आपका शरीर डीहाइड्रेट हो जाता है जिसके कारण शरीर में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम जैसे महत्वपूर्ण तत्वों की कमी हो जाती है गन्ने का रस आपको इन पोषक तत्वों की कमी से निजात दिलाता है

ORS का घोल पीते रहें –  सबको ये करना चाहिए की वो खासकर गर्मी के दिनों में पानी में शक्कर और नमक घोल कर पिए और अपने घर में सभी सदस्यों को भी इसके लिए कहें इससे लगातार शरीर में होने वाली पानी की कमी को रोका जा सकता है अगर आप चाहें तो जो बाजार में ORS के घोल आते हैं मान्यता प्राप्त उनका भी इस्तेमाल कर सकते है

 

कुछ ऐसी ही अन्य जानकारियों के लिए इस लिंक पर क्लीक करें 

 

गर्मियों में क्या सावधानी रखनी चाहिए

जैसे सर्दियों में हमको गर्म चीज़ों का सेवन करना चाहिए बरसात में भीगने से बचना चाहिए वैसे ही हमको गर्मियों में भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे

  • त्वचा की देखभाल
  • लू से बचाव
  • कसरत
  • खाने पिने का ध्यान

त्वचा की देखभाल –  आपने देखा होगा की गर्मियों के दिनों में अक्सर हमारे शरीर में फोड़े फुंसी निकल जाते है जिनमें खुजली की समस्या आ जाती है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पसीना जो होता है वो त्वचा की सतह पर ही सूख जाता है जिसके करण्ये सब परशानियाँ हो जाती हैं

हमको जितना हो सके गर्मियों में कपडे ढीले ढाले पहनने चाहिए और जितना ही सके सूती कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए दिन में दो बार ज़रूर नहाना चाहिए जिससे शरीर पर जमा पसीना साफ़ हो सके टेलकम पाउडर का इस्तेमाल करना चाहिए

वाइस तो जितना हो धुप में निकलने से हमको बचना चाहिए मगर ऐसा हो नहीं पाता हमको किसी न किसी काम से घर से बहार निकलना ही पड़ता है और सीधे तेज़ धुप का सामना करना पड़ता है  जिससे आप सन बर्न Sun Burn का शिकार हो जाते हैं इससे बचने के लिए आप छतरी का इस्तेमाल करें और जब भी घर से बाहर निकलें किसी अच्छी कंपनी का सनस्क्रीम लगाएं

लू से बचाव –  बहुत ते गर्मी पड़0 रही हो आप सीधे धुप के सम्पर्क में हों तो ऐसे में आपको लू Heat Strok का खतरा बढ़ जाता है जब शरीर से पसीने के ज़रिये पानी और शरीर का नमक बहार निकलता है तब ऐसी स्तिथि बनती है जब आपको लू Heat Strok हो जाता है

पेट में दर्द उलटी दस्त चक्कर आना सारे शरीर में दर्द महसूस होता है कई बार मरीज़ इसमें बेहोश भी हो जाते हैं और बहुत बुरी स्तिथि में मृत्यु तक भी हो जाती है इसलिए ज़रूरी है की गर्मियों में इस बात का भी ख्याल रखा जाये की लू ना लगे इसके लिए आपको लगातार कुछ कुछ अंतराल में पानी या कोई अन्य तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए।

कसरत –  ऐसे तो हर मौसम में एक स्वस्थ शरीर के लिए इंसान को व्यायाम कसरत (Exercise) करना चाहिए मगर गर्मियों के दिन में इस बात का ध्यान रखना चाहिए की कोई इस तरह का कसरत हम ना करें जिसमें शरीर ज़्यादा थक जाये और हमारे शरीर से बहुत पसीना निकले और हमको डिहाइड्रेशन की तकलीफ हो जाये हल्के व्यायाम किये जा सकते हैं जैसे योग या वाकिंग वगैरह

खाने पिने का ध्यान –  गर्मियों में कहे पिने का विशेष ध्यान देना चाहिए जससे कोई परेशानी हमको खाने पिने से ना हो जैसे हमको खाने में तली भुनी, ज़्यादा मसाले वाला खाना, जंक फ़ूड नहीं खाना चाहिए

हमको गर्मियों में ताज़ा सब्ज़ियां, मौसमी फल जैसे तरबूज़, खरबूज़, ककड़ी, नारियल पानी, खीरा ज़रूर अपने भोजन में शामिल करना चाहिए, फ्रिज में रखे खाने के सामान जैसे दूध दही पनीर आदि का इस्तेमाल जल्दी से जल्दी कर लेना चाहिए क्यों की फ्रिज में इन पर फंगस के लगने का दर होता है जोकि बहुत खतरनाक होती है शरीर के लिए

क्या जानवरों को भी डिहाइड्रेशन होता है

अब तक हमने बात की है इंसानो की मगर क्या आपने सोचा है की जानवरों को भी क्या डिहाइड्रेशन होता है अगर आपने ऐसा सोचा है तो आप यक़ीनन जानवरो से प्यार करते हैं हाँ जानवरों को भी निर्जलीकरण होता है

जंगल में जो नदियाँ तालाब और पानी के अन्य स्रोत होते हैं जंगली जानवर अपनी प्यास वहां से बुझाते हैं एक तो ये स्रोत हम इन्सानो की वजह से काम होते जा रहे हैं और जो बचे हुए हैं वो भी गर्मियों में सुख जाते है जिसकी वजह से कई जंगली जानवरो की मौत हो जाती है डिहाइड्रेशन की वजह से

 

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