Manoj Mukund Naravane | Biography General MM Naravane hindi

8 दिसम्बर की शाम देश के पहले CDS बिपिन रावत जी एक हेलीकॉटर दुर्घटना में शहीद हो गए उनके साथ उनकी पत्नी और अन्य सैन्य 12 सैन्य अधिकारी भी शहीद हो गए देश की तीनों सेनाओं में आपसी सामंजस्य दुरुस्त करने के लिए चीफ ऑफ़ डिफेन्स स्टाफ यानी CDS के पद को बनाया गया था मगर असमय जनरल बिपिन रावत के शहीद हो जाने के बाद अब देश में CDS का पद खाली हो गया है इस पद के लिए अभी सेना में सबसे काबिल कोई है तो जानकार कहते हैं वो हैं General Manoj Mukund Naravane आइये इस आर्टिकल के ज़रिये देख लेते हैं कौन हैं जनरल एम् एम् नरवणे वो कब से भारतीय सेना में हैं और उनसे जुडी सारी बातें

कौन हैं General MM Naravane

General Bipin Rawat जब आर्मी चीफ हुआ करते थे तब वाईस आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल एमएम नरवणे हुआ करते थे बिपिन रावत 31 दिसम्बर 2019 के दिन पदमुक्त हुए थे उसके बाद उन्हें देश के पहले CDS का पद दिया गया था अब उनके नहीं रहने की वजह से चर्चा है की देश के दूसरे CDS जनरल एमएम नरवणे हो सकते हैं नरवणे अभी देश के थल सेना अध्यक्ष के पद पर हैं जनरल बिपिन रावत के बाद सबसे सीनियर सेना के अधिकारी हैं अभी भारतीय थल सेना में नरवणे का कार्यकाल अप्रैल 2022 तक है आइये जान लेते हैं कौन हैं जनरल नरवणे

इनका पूरा नाम मनोज मुकुंद नरवणे Manoj Mukund Naravane है इनका जन्म 22 अप्रैल 1960 के दिन पुणे महाराष्ट्र में हुआ था इनके पिता का नाम मुकंद नरवणे था जोकि खुद भी एक फौजी थे वो भारतीय वायु सेना में अधिकारी थे इनकी माता जी का नाम सुधा नरवणे था वो अखिल भारतीय रेडियो में काम किया करती थीं

मनोज मुकंद नरवणे की पढाई लिखाई

इनके पिता जी मुकुंद नरवणे जो की वायु सेना में अधिकारी थे इसलिए इनका बचपन फौजी तौर तरीकों और फौजियों के बीच बिता वो भी चाहते थे की जब वो बड़े हो जाएँ तो भारतीय सेना में जाएँ उनकी शुरुवाती पढाई लिखाई Jnana Prabodhini Prashala पुणे से हुई है और आगे की पढाई की लिए वो इंदौर के देवी अहिल्याबाई विश्वविद्यालय आ गए जहाँ से उन्होंने डिफेन्स  और मैनेजमेंट में एम फील किया नरवणे NDA (National Defance Academy) पुणे और IMA (Indian Military Academy) से भी शिक्षा प्राप्त की है साथ ही उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय, चेन्नई से रक्षा अध्ययन में मास्टर डिग्री ली हुई है

 

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मनोज मुकुंद नरवणे और भारतीय सेना

घर में हमेशा से मनोज ने फौजी तरीके देखे थे वो भी बड़े होकर फ़ौज में शामिल होकर देश के लिए कुछ करना चाहते थे जिसके लिए उन्होंने NDA और IMA से भी शिक्षा ग्रहण की है आइये देख लेते हैं उनकी फ़ौजी ज़िन्दगी को

  • मनोज मुकुंद नरवणे Manoj Mukund Naravane को जून 1980 में सिख लाइट इन्फैंट्री की 7वीं बटालियन में नियुक्त किया गया  40 वर्षों से अधिक के अपने विशिष्ट सैन्य करियर में, उन्होंने महानिरीक्षक (उत्तर) से लेकर सेनाध्यक्ष (सीओएएस) तक के विभिन्न पदों पर कार्य किया और अब वह सबसे आगे हैं। सीडीएस पद के लिए।
  • एमएम नरवणे ने जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स की दूसरी बटालियन (सिखली), 106 इन्फैंट्री ब्रिगेड, और असम राइफल्स को कोहिमा, नागालैंड में महानिरीक्षक (उत्तर) के रूप में कमान दी। उन्होंने ऑपरेशन पवन के दौरान जम्मू और कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद विरोधी अभियानों और श्रीलंका में भारतीय शांति सेना में भी काम किया।
  • उनके स्टाफ असाइनमेंट में एक इन्फैंट्री ब्रिगेड के ब्रिगेड मेजर के रूप में कार्यकाल, मुख्यालय स्थापना संख्या 22 के एए और क्यूएमजी, यांगून में म्यांमार के लिए सैन्य अताशे, आर्मी वॉर कॉलेज, महू में निर्देशात्मक नियुक्ति और मंत्रालय के एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय में दो कार्यकाल शामिल हैं। रक्षा, नई दिल्ली।
  • लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नत होने के बाद, उन्होंने अंबाला स्थित खरगा स्ट्राइक कोर की कमान संभाली और दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) के रूप में कार्य किया। जीओसी के रूप में उन्होंने 2017 गणतंत्र दिवस परेड की कमान संभाली।
  • सेना कमांडर ग्रेड के पद पर पदोन्नति पर, उन्होंने जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ आर्मी ट्रेनिंग कमांड और जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ पूर्वी कमान के रूप में कार्य किया।
  • उन्हें 1 सितंबर 2019 को थल सेनाध्यक्ष (VCOAS) नियुक्त किया गया था और 31 दिसंबर 2019 को जनरल बिपिन रावत को CDS बनाए जाने पर उन्हें COAS के पद पर पदोन्नत किया गया था।

 

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जनरल मनोज मुकुंद सम्मान एवं पुरस्कार

भारतीय सेना ने अपने एक बयान में कहा था जनरल मनोज मुकुंद के लिए की

लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का अनुभव है

मनोज मुकुंद को मिले पदकों की तालिका 

  • सेना मैडल
  • विशिष्ठ सेवा पदक
  • अति विशिष्ठ सेवा पदक
  • परम विशिष्ठ सेवा पदक
  • सामान्य सेवा पदक
  • स्पेशल सर्विस पदक
  • ओप्रशन पराक्रम पदक
  • सैन्य सेवा  पदक
  • विदेश सेवा पदक
  • स्वतंत्रता के 50  वीं वर्षगांठ पदक
  • 30 सालों का सेवा पदक
  • 20 सालों का सेवा पदक
  • 9  सालों का सेवा पदक

जनरल मनोज मुकुंद की निजी ज़िन्दगी

चीफ ऑफ़ आर्मी स्टाफ COAS  मनोज मुकुंद नरवणे की शादी वीणा नरवणे के साथ हुई है जोकि पेशे से एक अध्यापिका हैं और जो 25 सालों से Army Wives Welfare Association की अध्यक्षा भी हैं इन दोनों की दो बेटियां हैं

 

 

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